5 मौके जब भारतीय खिलाड़ियों ने टीम में न चुने जाने पर सोशल मीडिया पर रहस्मय पोस्ट किये

पिछले कुछ सालों में भारतीय टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन के जरिये खेल के तीनों प्रारूपों में काफी सफलता हासिल की है। आईपीएल और घरेलू क्रिकेट की मदद से भारत को हर साल कई सारे नए प्रतिभवान खिलाड़ी मिल रहे हैं। हालाँकि इनमें से सिर्फ कुछ खिलाड़ियों को ही राष्ट्रीय टीम की ओर से खेलने का मौका मिलता है।

हर सीरीज और टूर्नामेंट के लिए बीसीसीआई ज्यादातर मौकों पर 15 से 18 खिलाड़ियों का स्क्वाड चुनती है। हर बार स्क्वाड में खिलाड़ी बदलते रहते हैं, वही खिलाड़ी निरंतर टीम का हिस्सा बने रह पाते हैं जो मैचों के दौरान अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहते हैं।

कई बार ऐसा देखने को मिला है जब टीम में जगह की कमी होने के कारण फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी भी नहीं चुने जाते। जिस खिलाड़ी का चयन नहीं होता, वह निराशा का अहसास जरूर करता है। इस आर्टिकल में हम उन 5 मौकों का जिक्र करेंगे जब भारतीय खिलाड़ियों ने टीम में न चुने जाने पर रहस्मय पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर किये।

1. रोहित शर्मा

वर्तमान समय में रोहित शर्मा की गिनती वर्ल्ड के सबसे सफल खिलाड़ियों में होती है लेकिन 2011 वर्ल्ड कप के दौरान रोहित भी टीम में जगह बनाने से चूक गए थे। उस समय रोहित सलामी बल्लेबाज के तौर पर नहीं खेला करते थे बल्कि मध्यक्रम में खेला करते थे।

भारत के पास धोनी और युवराज जैसे दिग्गज बल्लेबाज पहले से मध्यक्रम में मौजूद थे। ऐसे में सिर्फ नंबर 4 पर बल्लेबाजी करने के लिए एक स्थान खाली था जिसके लिए चयनकर्ताओं ने युवा विराट कोहली को को चुना था।

 

2007 टी20 वर्ल्ड कप में टीम का हिस्सा रहे रोहित को 2011 वर्ल्ड कप के लिए स्क्वाड में नहीं चुना गया। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने अपनी निराशा व्यक्त करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया ट्वीट करते हुए लिखा, बहुत-बहुत निराश हूं क्योंकि मैं वर्ल्ड कप स्क्वाड का हिस्सा नहीं बन सका..मुझे यहां से आगे बढ़ने की जरूरत है, लेकिन ईमानदारी से कहूं तो ये बड़ा झटका है..आपके कोई विचार!

2. अम्बाती रायडू

2019 वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम अपने बल्लेबाजी क्रम में नंबर 4 के बल्लेबाज की तलाश में थी। इस पोजिशन के लिए टीम ने कई बल्लेबाजों को आजमाया लेकिन कोई भी खिलाड़ी इस नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए निरंतर रन नहीं बना पा रहा था।

अम्बाती रायडू को भी मैनेजमेंट ने इसी नंबर पर खिलाया और उन्होंने दबाव में कुछ मौकों पर शानदार प्रदर्शन करते हुए बेहतरीन पारियां खेलीं जिससे चयनकर्ताओं सहित तत्कालीन कप्तान विराट कोहली भी काफी संतुष्ट थे।

 

उसी दौरान विजय शंकर ने भी ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए चयनकर्ताओं को प्रभावित किया था। 2019 में चुनी गई 15 खिलाड़ियों की मुख्य टीम में रायडू की जगह शंकर को चुना गया।

पत्रकारों ने जब मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद से रायडू की जगह शंकर को चुने जाने के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा था कि वह थ्री डी प्लेयर हैं। इसके बाद रायडू ने एक ट्वीट किया था और लिखा था, ‘वर्ल्ड कप देखने के लिए 3-डी चश्मों का एक नया सेट ऑर्डर कर दिया है।’

3. संजू सैमसन

2019 वर्ल्ड कप के बाद से बीसीसीआई के लिए ऋषभ पंत प्रमुख विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में टीम की पहली पसंद रहे हैं। हालाँकि कुछ दिग्गज पंत के खराब प्रदर्शन को देखते हुए संजू सैमसन को टीम में शामिल करने के पक्ष में थे।

 

2020 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जाने वाले वनडे मैच में पंत सिर में लगी चोट के चलते टीम से बाहर थे और उस समय भी दाएं हाथ के बल्लेबाज को मौका नहीं मिला था।

शुरू में सैमसन को 2020 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की T20I श्रृंखला में भी नामित नहीं किया गया था जिससे उनके फैंस एक बार उनके समर्थन में उतर आये थे। इसी बीच 27 वर्षीय खिलाड़ी ने ट्विटर पर सिर्फ एक (,) अल्पविराम पोस्ट किया था।

4. पृथ्वी शॉ

पृथ्वी शॉ 2021 से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। टीम से बाहर होने के बाद शॉ ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। आईपीएल 2022 में भी उन्होंने शुरुआती मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया था और दिल्ली कैपिटल्स के लिए कुछ बेहतरीन पारियां खेली थी।

 

दिलीप ट्रॉफी में भी उन्होंने तीन पारियों में 315 रन बनाए थे। इस साल की शुरुआत में वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के खिलाफ नहीं चुने गए शॉ को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी वनडे सीरीज के लिए मौका नहीं मिला है।

वनडे सीरीज में ना चुने जाने से निराश शॉ ने अपनी प्रतिक्रिया इंस्टाग्राम पर स्टोरी शेयर पर एक तस्वीर शेयर करते हुए दी। उसमें लिखा था, उनके शब्दों पर भरोसा मत करो, उनके एक्शन पर भरोसा करो, क्योंकि उनके एक्शन बता देंगे कि शब्दों का कुछ मायने नहीं है।

5. राहुल तेवतिया

आईपीएल 2022 में गुजरात टाइटंस ने अपने डेब्यू सीजन में ट्रॉफी जीतने में सफलता हासिल की थी और उसमें राहुल तेवतिया का अहम योगदान रहा था।

 

आईपीएल खत्म होने के बाद भारतीय टीम इंग्लैंड के दौरे पर चली गई थी। इसी बीच भारतीय चयनकर्ताओं ने आयरलैंड दौरे के लिए हार्दिक पांड्या की अगुवाई में दूसरे दर्जे की टीम की घोषणा की थी।

आयरलैंड के खिलाफ चुनी गई टीम में तेवतिया को मौका नहीं दिया गया था जिससे वह काफी निराश हुए थे और उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था, “उम्मीदें दर्द देती हैं।”